मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

सविधान एक नजर में

एटली की घोषणा- 
                            20 फरवरी 1947 ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एटली ने ब्रिटेन की संसद में यह घोषणा की की 30 जून 1948 से पहले भारत को सत्ता हस्तांतरित कर दी जाएगी और लोड माउंटबेटन को भारत का वायसराय बनाकर भारत भेजा गया
माउंटबेटन योजना 
                            जून योजना/डिकी बर्ड प्लान
जून 1947 में यह योजना भारत आई जिसके 4 सदस्य थे (1) लोर्ड माउंटबेटन (2) ईस्मे (3) माइविली(4) अवेल।  माउंटबेटन योजना ने पाकिस्तान की मांग को लेकर स्वीकार कर लिया गया भारत एवं पाकिस्तान के विभाजन की रूपरेखा विपी मेनन के द्वारा तैयार की गई विभाजन की रूपरेखा को लंदन भेजने से पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू एवं मोहम्मद अली जिन्ना को दिखाया गया सिरिलरेडक्लिप की अध्यक्षता में भारत एवं पाकिस्तान के सीमा रेखा निर्धारण हेतु रेडक्लिप आयोजन का गठन किया गया |
रेडक्लिप आयोग में 2 सदस्य कांग्रेसी एवं दो सदस्य मुस्लिम लीग से लिए गए रेडक्लिप आयोग के अनुसार असम का सिलहड़ जिला पूर्वी बंगाल उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रदेश बलूचिस्तान पश्चिमी पंजाब और सिंधु पाकिस्तान को दे दिया गया एवं शेष भूभाग भारत को दिया गया
विभाजन से निराश होकर गांधी जी ने कहा कि अगर सारा भारत आग लपटों से गिर जाए तो भी कुछ नहीं भारत का विभाजन मेरे मृत देह पर होगा
पंडित जवाहरलाल नेहरू  पंडित जवाहरलाल नेहरू ने विभाजन को लेकर कहा कि रोज-रोज से सिर दर्द से लेकर अच्छा है सिर को कटवा दिया जाए
पंडित गोविंद मालवीय  पंडित गोविंद मालवीय ने कहा कि पाकिस्तान और आत्महत्या में से किसी एक को चुनना है
मौलाना आजाद अगर कांग्रेस ने विभाजन की मांग को स्वीकार कर लिया तो इतिहास उसे कभी माफ नहीं करेगा
खान अब्दुल गफ्फार खान  इन्होंने पठानों केे लिए
पठानिस्तान पखतानिस्तान की मांग की जब इसकी मांग को अस्वीकार कर दिया तो इन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मेरे आंदोलन को भेड़िए के आगे रख दिया
Note माउंटबेटन के योजनाा के अनुसार भारत की संविधान सभा में 324 सदस्य होंगे
Note 2  विभाजन के पश्चात 31 अक्टूबर 1947 को संविधान सभा का पुनर्गठन किया गया जिसमें सदस्यों की संख्या 299 निर्धारित की गई
भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 4 जुलाई 1947 को ब्रिटेन की संसद में भारत स्वतंत्रता अधिनियम पारित किया गया जिसमें कुल 20 धाराएं थी इसमेंं उल्लेख था कि 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान 15 अगस्त 1947 भारत को सत्ता हस्तांतरित कर दी जाएगी 
देसी रियासतों से कहा गया कि आप या भारत में मिल जाओ या पाकिस्तान में मिल जाओ यहां अपना स्वतंत्र अस्तित्व भी रख सकते हैं
3 रियासते(हैदराबाद जूनागढ़ जम्मू कश्मीर) को छोड़कर सभी रियासतों ने भारत विलय पर हस्ताक्षर कर दिए हैदराबाद में पुलिस कार्यवाही के दौरान ऑपरेशन पोलो चलाकर भारत विलय किया गया
जूनागढ़ में जनमत संग्रह करवा कर भारत में विलय कर दिया
जम्मू कश्मीर के शासक हरि सिंह ने अलगाववादियों से परेशान होकर भारत विलय पर हस्ताक्षर कर दिए
भारत ने अपना स्वतंत्रता दिवस समारोह 14 अगस्त 1947 को मध्य रात्रि को दिल्ली में आयोजित किया गया
पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा उनका प्रसिद्ध भाषण नियति के साथ भेट दिया गया
गांधीजी इस समय बंगाल के ओखनली नमक किस स्थान पर स्थित थे
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर
भीमराव अंबेडकर सविधान सभा मैं जेसुर कुलना प्रांत (बंगाल) से निर्वाचित हुए
लेकिन विभाजन के पश्चात यह क्षेत्र पाकिस्तान में चला गया विभाजन के पश्चात अंबेडकर मुंबई से MR जयकर के स्थान पर निर्वाचित हुए
डॉ राजेंद्र प्रसाद
डॉ राजेंद्र प्रसाद ने अंबेडकर के बारे में कहा कि मैंने संविधान सभा के अध्यक्ष पर रहते हुए सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह किया कि 29 अगस्त 1947 को बनी प्रारूप समिति का अध्यक्ष मैंने अंबेडकर को बनाया 
डॉ राजेंद्र प्रसाद ने ही अंबेडकर को दक्ष पायलट की संज्ञा दी
KV राव
केवी राव ने अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक/जननी कहा
अंबेडकर की प्रसिद्ध पुस्तकें
(1) पाकिस्तान पर विचार
(2) हिंदू धर्म की पहेलियां

सोमवार, 30 दिसंबर 2019

सविधान सभा

 कैबिनेट मिशन के अनुसार भारत में एक संविधान सभा होगी जिसमें 389 सदस्य होंगे प्रत्येक सदस्य एक दस लाख जनसंख्या पर विधानसभा में 1 सदस्य होगा
292 प्रांत ब्रिटिश प्रांतों से
चार सदस्य चीफ कमिश्नर क्षेत्र से प्रथम (1)अजमेर मेरवाड़ा (2) दिल्ली (3) कुर्ग कर्नाटक और (4 )बलूचिस्तान (पाकिस्तान)
93 देशी रियासतों से मनोनीत होंगे
जुलाई 1946 में 292+4=296 सीटों पर संविधान सभा के चुनाव हुए जिनमें से 208 सीटे कांग्रेश 73 सीटर मुस्लिम लीग एवं 15 सीटों पर अन्य दल विजय हुए
Note-चुनाव में मुस्लिम लीग को बहुमत नहीं मिलने के कारण लीग नाराज हो गई और उन्होंने 16 अगस्त 1946 को प्रत्यक्ष/सीधी कार्रवाई के नाम पर हिंदू मुसलमान में दंगे करवाए जिसको लेकर मौलाना आजाद ने जिसे भारत का काला दिवस कहा संविधान सभा के चुनाव अप्रत्यक्ष विधि से हुए थे जिसमें ब्रिटिश विधान मंडलों के सदस्यों ने भाग लिया था
पंजाब में सिखों की ओर एवं शेष भारत में मुसलमानों को पृथक निर्वाचन दिया गया महात्मा गांधी जी और मोहम्मद अली जिन्ना सविधान सभा के सदस्य नहीं थे
कैबिनेट मिशन की सिफारिश 
  केबिनेट मिशन के अध्यक्ष सर फेरिक लॉरेंस ने कहा कि भारत में कांग्रेश है निसंदेह अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था  लेकिन मुस्लिम लीग को भी आप नकार नहीं सकते
(1) केबिनेट मिशन ने पाकिस्तान की मांग को अस्वीकार कर दिया
(2) केबिनेट मिशन के अनुसार ब्रिटिश प्रांतों और देसी रियासतों को मिलाकर एक अखिल भारतीय संघ का गठन किया जाएगा जिसमें रक्षा विदेश एवं संचार केंद्र के पास जबकि अन्य मामलों में राज्यों की सहायता प्रदान की जाएगी
(3) सविधान निर्माण तक भारत की शासन को संचालित करने हेतु एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाएगा जिसके अध्यक्ष वायसराय होंगे इनके अलावा 14 सदस्य होंगे जिनमें से 9 सदस्य कांग्रेसी 5 सदस्य मुस्लिम लीग से शामिल होंगे जिनमें एक पारसी और एक भारतीय ईसाई शामिल होंगे
अंग्रेज की अंतरिम सरकार में शामिल सदस्य। 
अंतरिम सरकार का गठन 2 सितंबर 1946 में
(1) पंडित जवाहरलाल नेहरू
(2) सरदार वल्लभभाई पटेल
(3) डॉ राजेंद्र प्रसाद
(4) जॉन मथाई
(5) जगजीवन राम
(6) CSभांभा
(7) बलदेव सिंह
(8) आसफ अली
(9) सी राजगोपालाचारी 



मुस्लिम लीग के सदस्य 
(1) लियाकत अली खान
(2) II चंद्रीगर
(3) जोगेंद्र नाथ मंडल
(4) अब्दुल रब निस्तर
(5) गज नफर अली खान



मुस्लिम लीग का अंतरिम सरकार में शामिल होने का उद्देश्य पाकिस्तान की मांग को पुरजोर से उठाना था

मुस्लिम लीग से सहयोगात्मक तरीके से परेशान होकर सरदार पटेल ने कहा "जीना विभाजन चाहे या ना चाहे हम विभाजन चाहते हैं"
पटेल ने कहा कि अगर अभी विभाजन नहीं हुआ तो आने वाले समय में भारत के प्रत्येक सरकारी कार्यालय में एक पाकिस्तानी होगा



ब्रेक डाउन प्लान 
                         भारतीय वॉइसराय वेवेल ने ब्रिटेन की संसद में पत्र लिखा की अगर 31 मार्च 1947 से पहले भारत को सत्ता हस्तांतरित नहीं की गई तो अंग्रेजों को रात में भारत छोड़कर निकलना होगा
कूपलेंड योजना
                      भारत विभाजन को लेकर पंडित जवाहरलाल नेहरू को ब्रिटेन बुलायाा गया एवं उनके सामने निम्नलिखित रूपरेखा पेश की
(1) गंगा के मैदान
(2) प्रायद्वीपीय भारत
(3) पूर्वी भारत
(4) पश्चिमी भारत
                  पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस रूपरेखा को अस्वीकार कर दिया

मंगलवार, 24 दिसंबर 2019

संविधान (भारतीय आत्मा)

संविधान संविधान का शाब्दिक अर्थ है संविधान अर्थात कानूनों का समूह किसी देश की शासन व्यवस्था को संचालन करने हेतु बनाए गए नियमों एवं कानूनों के समूह को संविधान कहते हैं
सविधान को दो भागों में बांटा गया पहले लिखित या निर्मित संविधान दूसरा अनिर्मित संविधान संविधान
लिखित संविधान किसी देश की शासन व्यवस्था को संचालित करने हेतु निश्चित व्यक्तियों द्वारा समय में जो कानून और नियम बनाए जाते हैं जिससे इस देश को शासन व्यवस्था संचालित हो सके उसे लिखित संविधान कहते हैं जैसे भारत एवं अमेरिका का संविधान दूसरा लिखित संविधान जिस देश की शासन व्यवस्था उस देश की कई वर्षों से चली आ रही परंपरा एवं न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्णय के आधार पर संचालित होती है एवं निर्मित कहते हैं जैसे इंग्लैंड

विधान के संदर्भ में भारतीय प्रयास 1805 में बाल गंगाधर तिलक मुंबई स्वराज विधेयक पर बोलते हुए सर्वप्रथम संविधान सभा की मांग की और 1918 में मदन मोहन मालवीय ने भारतीय संविधान के संदर्भ में आत्मनिर्णय की बात गई 1922 में गांधीजी ने अपनी पत्रिका यंग इंडिया में लिखा है कि भारत के लोगों का राजनीतिक भविष्य स्वय भारतीय निर्धारण करेंगे 1924 में तेज बहादुर सप्रू ने भारतीय संविधान की मांग की 1928 में अंग्रेज अधिकारी ने भारतीय लोगों को चुनौती दी कि तुम भारत का संविधान बना कर दिखाओ लेकिन एक शर्त होगी आपके द्वारा बनाए गए सविधान का कांग्रेस और मुस्लिम दोनों का स्वीकार किया जाना अनिवार्य है मोतीलाल नेहरू ने रिपोर्ट तैयार की लेकिन मुस्लिम लीग ने उसे अस्वीकार कर दिया नेहरू रिपोर्ट के विरोध में मोहम्मद अली जिन्ना ने 14 सूत्रीय मांग पत्र जारी किया 1934 में व्यक्तिगत रूप से सविधान की मांग करने वाले प्रथम भारतीय व्यक्तिगत व्यक्ति मानवेंद्र नाथ रॉय थे 1935 में कांग्रेस के द्वारा विधानसभा की मांग की गई 1937 में कांग्रेस के फेसबुक अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे पंडित ज्वाला नेहरू ने स्पष्ट शब्दों में विधानसभा की मांग की एक पार्टियां के रूप में सर्वप्रथम मांग स्वराज दल की स्थापना मोतीलाल नेहरू चितरंजन दास

सविधान के संदर्भ में अंग्रेजों के प्रयास-
1940 अगस्त प्रस्ताव-लाडली नृत्य को ने यह प्रस्ताव लेकर भारत आया जिसमें कहा गया कि द्वितीय युद्ध के समाप्ति के पश्चात भारत ने एक संविधान सभा का गठन कर दिया जाएगा लेकिन भारत ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया
1942 क्रिप्स प्रस्ताव- क्रिप्स यह प्रस्ताव लेकर भारत आया कि इससे भी कहा गया कि द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के पश्चात संविधान निर्माण हेतु एक संविधान सभा का गठन कर दिया जाएगालेकिन कांग्रेस ने एक प्रस्ताव को पर किसान के जीवाणु से युक्त बताया एवं गांधीजी ने इस प्रस्ताव को पोस्ट डेटेड चेक का गया
द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद इंग्लैंड में चुनाव हुए और इंग्लैंड के नए प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली बने जो लेबर पार्टी से संबंधित उदारवादी नेता थे और भारत को संप्रदाय के पक्ष में थे हेडली ने भारत को संविधान निर्माण हेतु 3 सदस्यों का एक दल भारत भेजा जिसमें जिसे कैबिनेट मिशन का गया
कैबिनेट मिशन मार्च 1946-सर पैथिक लोरेंस  क्रिप्स  AV एलेग्जेंडर