कैबिनेट मिशन के अनुसार भारत में एक संविधान सभा होगी जिसमें 389 सदस्य होंगे प्रत्येक सदस्य एक दस लाख जनसंख्या पर विधानसभा में 1 सदस्य होगा
292 प्रांत ब्रिटिश प्रांतों से
चार सदस्य चीफ कमिश्नर क्षेत्र से प्रथम (1)अजमेर मेरवाड़ा (2) दिल्ली (3) कुर्ग कर्नाटक और (4 )बलूचिस्तान (पाकिस्तान)
93 देशी रियासतों से मनोनीत होंगे
जुलाई 1946 में 292+4=296 सीटों पर संविधान सभा के चुनाव हुए जिनमें से 208 सीटे कांग्रेश 73 सीटर मुस्लिम लीग एवं 15 सीटों पर अन्य दल विजय हुए
Note-चुनाव में मुस्लिम लीग को बहुमत नहीं मिलने के कारण लीग नाराज हो गई और उन्होंने 16 अगस्त 1946 को प्रत्यक्ष/सीधी कार्रवाई के नाम पर हिंदू मुसलमान में दंगे करवाए जिसको लेकर मौलाना आजाद ने जिसे भारत का काला दिवस कहा संविधान सभा के चुनाव अप्रत्यक्ष विधि से हुए थे जिसमें ब्रिटिश विधान मंडलों के सदस्यों ने भाग लिया था
पंजाब में सिखों की ओर एवं शेष भारत में मुसलमानों को पृथक निर्वाचन दिया गया महात्मा गांधी जी और मोहम्मद अली जिन्ना सविधान सभा के सदस्य नहीं थे
कैबिनेट मिशन की सिफारिश
केबिनेट मिशन के अध्यक्ष सर फेरिक लॉरेंस ने कहा कि भारत में कांग्रेश है निसंदेह अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था लेकिन मुस्लिम लीग को भी आप नकार नहीं सकते
(1) केबिनेट मिशन ने पाकिस्तान की मांग को अस्वीकार कर दिया
(2) केबिनेट मिशन के अनुसार ब्रिटिश प्रांतों और देसी रियासतों को मिलाकर एक अखिल भारतीय संघ का गठन किया जाएगा जिसमें रक्षा विदेश एवं संचार केंद्र के पास जबकि अन्य मामलों में राज्यों की सहायता प्रदान की जाएगी
(3) सविधान निर्माण तक भारत की शासन को संचालित करने हेतु एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाएगा जिसके अध्यक्ष वायसराय होंगे इनके अलावा 14 सदस्य होंगे जिनमें से 9 सदस्य कांग्रेसी 5 सदस्य मुस्लिम लीग से शामिल होंगे जिनमें एक पारसी और एक भारतीय ईसाई शामिल होंगे
अंग्रेज की अंतरिम सरकार में शामिल सदस्य।
अंतरिम सरकार का गठन 2 सितंबर 1946 में
(1) पंडित जवाहरलाल नेहरू
(2) सरदार वल्लभभाई पटेल
(3) डॉ राजेंद्र प्रसाद
(4) जॉन मथाई
(5) जगजीवन राम
(6) CSभांभा
(7) बलदेव सिंह
(8) आसफ अली
(9) सी राजगोपालाचारी
मुस्लिम लीग के सदस्य
(1) लियाकत अली खान
(2) II चंद्रीगर
(3) जोगेंद्र नाथ मंडल
(4) अब्दुल रब निस्तर
(5) गज नफर अली खान
मुस्लिम लीग का अंतरिम सरकार में शामिल होने का उद्देश्य पाकिस्तान की मांग को पुरजोर से उठाना था
मुस्लिम लीग से सहयोगात्मक तरीके से परेशान होकर सरदार पटेल ने कहा "जीना विभाजन चाहे या ना चाहे हम विभाजन चाहते हैं"
पटेल ने कहा कि अगर अभी विभाजन नहीं हुआ तो आने वाले समय में भारत के प्रत्येक सरकारी कार्यालय में एक पाकिस्तानी होगा
ब्रेक डाउन प्लान
भारतीय वॉइसराय वेवेल ने ब्रिटेन की संसद में पत्र लिखा की अगर 31 मार्च 1947 से पहले भारत को सत्ता हस्तांतरित नहीं की गई तो अंग्रेजों को रात में भारत छोड़कर निकलना होगा
कूपलेंड योजना
भारत विभाजन को लेकर पंडित जवाहरलाल नेहरू को ब्रिटेन बुलायाा गया एवं उनके सामने निम्नलिखित रूपरेखा पेश की
(1) गंगा के मैदान
(2) प्रायद्वीपीय भारत
(3) पूर्वी भारत
(4) पश्चिमी भारत
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस रूपरेखा को अस्वीकार कर दिया
Very nice
जवाब देंहटाएंThanku
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