मंगलवार, 7 जनवरी 2020

संविधान की प्रमुख सूचियां

भारतीय संविधान की अनुसूचियां
 मूल संविधान मैं 8 अनुसूचियां थी लेकिन वर्तमान में 12 अनुसूचियां हैं
(1) अनुसूची-(संघ एवं राज्य क्षेत्र)
भारत के सभी राज्यों के नाम एवं केंद्र शासित प्रदेशों का नाम इनके अलावा इन सब की राजधानियों के नाम उल्लेख है
(2) अनुसूची-(वेतन)
भारत के प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों का उल्लेख है लेकिन राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को वेतन के स्थान पर परिलब्धियां दिया प्रदान की जाती है उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के सभापति के रूप में वेतन मिलता है
अनुसूची में निम्नलिखित पदाधिकारियों का वेतन का उल्लेख है-
(A) लोकसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का वेतन
(B) राज्यसभा के सभापति एवं उपसभापति का वेतन
(C) विधानसभा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का वेतन
(D) विधान परिषद के सभापति एवं अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का वेतन
(E) सर्वोच्च न्यायालय के सभापति अध्यक्ष एवं उप अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय का वेतन
(F) नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक का वेतन
(3) अनुसूची-(शपथ)
भारत के प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों को शपथ का उल्लेख है लेकिन राष्ट्रपति अनुच्छेद-60
उपराष्ट्रपति अनुच्छेद-69
राज्यपाल अनुच्छेद-159
इनकी शपथ का उल्लेख तीसरी अनुसूची में नहीं किया
तीसरी अनुसूची में निम्नलिखित पदाधिकारियों का शपथ का उल्लेख है-------
(1) विधानसभा विधान परिषद लोकसभा एवं राज्यसभा के उम्मीदवारों की शपथ
(2) संसद एवं विधान मंडल के सदस्यों की शपथ
(3) केंद्र एवं राज्य के मंत्रियों की शपथ
(4) सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की शपथ
(5) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की शपथ
नोट
लोकसभा एवं विधानसभा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष राज्यसभा एवं विधान परिषद के सभापति एवं उपसभापति की कोई शपथ नहीं होती है
(4) अनुसूची-(राज्य सभा के सीटों का बंटवारा/आवंटन)
राज्यसभा में सीटों का आवंटन जनसंख्या के आधार पर किया गया है
राज्यसभा में अधिकतम सदस्य 250 हो सकते हैं लेकिन वर्तमान में 245 सदस्य है
उत्तर प्रदेश-31
मध्य प्रदेश-11
गुजरात-11
राजस्थान-10
पंजाब -7
हरियाणा-5
जम्मू कश्मीर-4
नोट
  राज्यसभााा में अनुसूची जाति एवं जनजाति केे लिए आरक्षित सीटों का प्रावधान नहीं है
(5) अनुसूची-(अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन)
भारत के राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास हेतु भारत के किसी भी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित कर सकता है एवं इन क्षेत्रों से संबंधित प्रशासन अपने नियंत्रण ले सकता है
राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को यह अधिकार है कि इन क्षेत्रों से संबंधित से बने कानून को संशोधन कर सकते हैं इन क्षेत्रों से विकास हेतु एक जनजातीय परिषद का गठन किया गया है जिसमें कुल 30 सदस्य होंगे एवं यह सदस्य इन क्षेत्रों से संबंधित जल जंगल जमीन का संरक्षण करेंगे
(6) अनुसूची (अमिमेत्री)
असम मिजोरम मेघालय एवं त्रिपुरा राज्यों का प्रशासन इन राज्यों में एक जनपद का गठन किया गया है जिसमें कुल 20 सदस्य होंगे यह इन क्षेत्रों से संबंधित जल जंगल जमीन संस्कृति की सुरक्षा करेगी
(7) अनुसूची-(विषयों का बंटवारा)
अनुच्छेद 246 में तीन प्रकार की सूचियों का उल्लेख है जो निम्नलिखित है----(1) संघ सूची--
मूल संविधान में 97 विषय थे लेकिन वर्तमान में 100 विषय है इन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति केंद्र संसद को प्रदान की गई है
(2) राज्य सूची--
मूल संविधान में राज्य सूची में 66 विषय थे वर्तमान में 61 विषय है इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार राज्य अर्थात विधानमंडल को दी गई है
(3) समवर्ती सूची
मूल संविधान में समवर्ती सूची में 47 विषय थे लेकिन वर्तमान में 52 विषय है इन विषयों पर कानून संसद एवं विधान मंडल दोनों बना सकते हैं लेकिन संसद के द्वारा बनाया गया कानून अधिक प्रभावित होता है
नोट  42 वें संविधान संशोधन 1976 के द्वारा पांच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में डाल दिए गए
(१) शिक्षा एवं वन्य जीव (२)पक्षी संरक्षण  (३) बाट एवं माप (४)जनसंख्या नियंत्रण परिवार नियोजन

1 टिप्पणी: