अनुच्छेद 248 -अवशिष्ट शक्तियां
इन विषयों पर कानून केंद्र सरकार के द्वारा बनाया जाता है इसमें दो विशेष शामिल किए जाने प्रस्तावित है-
(1) साइबर क्राइम
(2) सेरोगेसी मदर (किराए की कोख)
अनुच्छेद 249 राष्ट्रीय महत्व (राज्य सूची)
सामान्य थे राज्य सूची के विषय पर कानून राज्य सरकार द्वारा बनाए जाते हैं लेकिन राज्य सूची का ऐसा विशेष जो राष्ट्रीय महत्व से संबंधित वह ऐसे विषय पर अगर राज्यसभा दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर दे तो राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने की शक्ति संसद को प्राप्त हो जाएगी
अनुच्छेद 250 आपातकाल
आपातकाल के समय राज्य सूची के विषय पर कानून संसद के द्वारा बनाया जा सकता है
(8) अनुसूची- भाषा
किसी भी भाषा को मान्यता तभी मिलती है जब वह भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल हो जाती है मूल संविधान में 14 भाषाएं थी लेकिन वर्तमान में 22 भाषाएं हैं
15-सिंधी 21 वें संविधान संशोधन 1967
16 मणिपुरी
17 नेपाली
18 कोंकणी
(71 वें संविधान संशोधन 1992 सभी)
19 बोडों
20 डोंगरी
21 मैथिली
22 संथाली
[92 वे संविधान संशोधन 2003]
तीन भाषाएं आठवीं अनुसूची में जुड़ने प्रस्तावित है
(१) भोंटी
(२) भोजपुरी
(३) राजस्थानी
नोट राजस्थानी भाषा के व्याकरण हेतु एक समिति का निर्माण किया गया जिसके अध्यक्ष-ओंकार सिंह लखावत
आठवीं अनुसूची में शास्त्रीय भाषाओं का उल्लेख है
(१) संस्कृत
(२) तमिल
(३) तेलुगू
(४) कन्नड़
(५) ओड़िया
(६) मलयालम
अनुच्छेद 344 (2)
इसमें कुल 22 सदस्य और एक अध्यक्ष होता है-आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं से एक-एक सदस्य राजभाषा में शामिल होता है
कार्य- आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं का संरक्षण करना
अनुच्छेद 344 (3) राजभाषा
एकमात्र समिति है जिसका संविधान में उल्लेख है इसमें कुल 30 सदस्य होते हैं जिनमें से 20 सदस्य लोकसभा से एवं 10 सदस्य राज्यसभा से होंगे
कार्य-हिंदी भाषा को बढ़ावा देना
(9) अनुसूची -न्यायिक पुनरावलोकन
प्रथम संविधान संशोधन 1951 के द्वारा जोड़ी गई इसमें न्यायिक पुनरावलोकन एक भूमि सुधार का उल्लेख है
ऐसा कोई कानून जिसको संसद ने बना कर अगर नवी अनुसूची में डाल दिया गया हो तो न्यायपालिका उसका न्यायिक पुनरावलोकन नहीं कर सकती
Note
केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
इस बात से सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अगर संसद द्वारा बनाया गया कोई कानून संविधान के मूल ढांचे को प्रभावित करता है तो न्यायपालिका उसका न्यायिक पुनरावलोकन कर सकती है
(10) अनुसूची-दल बदल
92 सविधान संशोधन 1985 में जोड़ी गई इसमें उल्लेख है कि अगर एक तीआई से कम सदस्य एक पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में जाते हैं तो वह दलबदल माना जाएगा
एवं संबंधित सदन के अध्यक्ष या सभापति को यह अधिकार होगा कि वह दल बदल के संबंध में निर्णय करेंगे हो जा साथ में एक टी आई के स्थान पर सदस्यों की संख्या दो तिहाई कर दी गई तथा वर्तमान में दो तिहाई से कम सदस्य एकदम को छोड़कर दूसरे दल में जाते हैं तो वह दलबदल माना जाएगा अगर एक पार्टी का विलय दूसरी पार्टी में हो जाता है तो वह दलबदल नहीं माना जाएगा
(11) अनुसूची-पंचायती राज
73वें संविधान संशोधन 1993 में जोड़ी गई पंचायती राज भाग 9 में अनुच्छेद 243A se 243O tak
इसमें कुल विषयक 29 है
24 अप्रैल 1993 को पंचायती राज अधिनियम लागू हुआ
(12) अनुसूची-नगरीय निकाय
74 वे संविधान संशोधन 1994 में भाग 9a संविधान संशोधन में उल्लेख किया गया है
अनुच्छेद 243P से 243Z तक इस अनुसूची में 18 विषय है
इन विषयों पर कानून केंद्र सरकार के द्वारा बनाया जाता है इसमें दो विशेष शामिल किए जाने प्रस्तावित है-
(1) साइबर क्राइम
(2) सेरोगेसी मदर (किराए की कोख)
अनुच्छेद 249 राष्ट्रीय महत्व (राज्य सूची)
सामान्य थे राज्य सूची के विषय पर कानून राज्य सरकार द्वारा बनाए जाते हैं लेकिन राज्य सूची का ऐसा विशेष जो राष्ट्रीय महत्व से संबंधित वह ऐसे विषय पर अगर राज्यसभा दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर दे तो राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने की शक्ति संसद को प्राप्त हो जाएगी
अनुच्छेद 250 आपातकाल
आपातकाल के समय राज्य सूची के विषय पर कानून संसद के द्वारा बनाया जा सकता है
(8) अनुसूची- भाषा
किसी भी भाषा को मान्यता तभी मिलती है जब वह भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल हो जाती है मूल संविधान में 14 भाषाएं थी लेकिन वर्तमान में 22 भाषाएं हैं
15-सिंधी 21 वें संविधान संशोधन 1967
16 मणिपुरी
17 नेपाली
18 कोंकणी
(71 वें संविधान संशोधन 1992 सभी)
19 बोडों
20 डोंगरी
21 मैथिली
22 संथाली
[92 वे संविधान संशोधन 2003]
तीन भाषाएं आठवीं अनुसूची में जुड़ने प्रस्तावित है
(१) भोंटी
(२) भोजपुरी
(३) राजस्थानी
नोट राजस्थानी भाषा के व्याकरण हेतु एक समिति का निर्माण किया गया जिसके अध्यक्ष-ओंकार सिंह लखावत
आठवीं अनुसूची में शास्त्रीय भाषाओं का उल्लेख है
(१) संस्कृत
(२) तमिल
(३) तेलुगू
(४) कन्नड़
(५) ओड़िया
(६) मलयालम
अनुच्छेद 344 (2)
इसमें कुल 22 सदस्य और एक अध्यक्ष होता है-आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं से एक-एक सदस्य राजभाषा में शामिल होता है
कार्य- आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं का संरक्षण करना
अनुच्छेद 344 (3) राजभाषा
एकमात्र समिति है जिसका संविधान में उल्लेख है इसमें कुल 30 सदस्य होते हैं जिनमें से 20 सदस्य लोकसभा से एवं 10 सदस्य राज्यसभा से होंगे
कार्य-हिंदी भाषा को बढ़ावा देना
(9) अनुसूची -न्यायिक पुनरावलोकन
प्रथम संविधान संशोधन 1951 के द्वारा जोड़ी गई इसमें न्यायिक पुनरावलोकन एक भूमि सुधार का उल्लेख है
ऐसा कोई कानून जिसको संसद ने बना कर अगर नवी अनुसूची में डाल दिया गया हो तो न्यायपालिका उसका न्यायिक पुनरावलोकन नहीं कर सकती
Note
केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
इस बात से सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अगर संसद द्वारा बनाया गया कोई कानून संविधान के मूल ढांचे को प्रभावित करता है तो न्यायपालिका उसका न्यायिक पुनरावलोकन कर सकती है
(10) अनुसूची-दल बदल
92 सविधान संशोधन 1985 में जोड़ी गई इसमें उल्लेख है कि अगर एक तीआई से कम सदस्य एक पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में जाते हैं तो वह दलबदल माना जाएगा
एवं संबंधित सदन के अध्यक्ष या सभापति को यह अधिकार होगा कि वह दल बदल के संबंध में निर्णय करेंगे हो जा साथ में एक टी आई के स्थान पर सदस्यों की संख्या दो तिहाई कर दी गई तथा वर्तमान में दो तिहाई से कम सदस्य एकदम को छोड़कर दूसरे दल में जाते हैं तो वह दलबदल माना जाएगा अगर एक पार्टी का विलय दूसरी पार्टी में हो जाता है तो वह दलबदल नहीं माना जाएगा
(11) अनुसूची-पंचायती राज
73वें संविधान संशोधन 1993 में जोड़ी गई पंचायती राज भाग 9 में अनुच्छेद 243A se 243O tak
इसमें कुल विषयक 29 है
24 अप्रैल 1993 को पंचायती राज अधिनियम लागू हुआ
(12) अनुसूची-नगरीय निकाय
74 वे संविधान संशोधन 1994 में भाग 9a संविधान संशोधन में उल्लेख किया गया है
अनुच्छेद 243P से 243Z तक इस अनुसूची में 18 विषय है
Good
जवाब देंहटाएंVery interested and important
जवाब देंहटाएंThanku sir
जवाब देंहटाएंHhh bhai ji
जवाब देंहटाएंHiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
जवाब देंहटाएंVa
जवाब देंहटाएंHan
जवाब देंहटाएं