शुक्रवार, 3 जनवरी 2020

सविधान सभा एक अंतरिम रूप

संविधान निर्माण की प्रक्रिया
9 December 1946 इस दिन संविधान सभा की प्रथम बैठक का आयोजन दिल्ली के सेंट्रल हॉल पुस्तकालय मेंं आयोजन किया जिसमें कुल 207 सदस्यय उपस्थित रहे जिनमें 9 महिला शामिल थी
देसी रियासतों और मुस्लिम लीग ने प्रथम बैठक का बहिष्कार किया इसको लेकर सचिव ने कहा कि भारत की संविधान सभा उस विवाह के समान है जिसकी दुल्हन ही गायब है
प्रथम बैठक में सविधान सभा के अस्थाई अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा को बनाया गया जो संविधान सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य थे
यह प्रणाली फ्रांस से ग्रहण की गई
11 दिसंबर 1946 इस दिन सविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को बनाया गया जिनका प्रस्ताव आचार्य कृपलानी ने रखा एवं उनका समर्थन सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा किया गया
13 दिसंबर 1946 इस दिन संविधान सभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा उद्देश्य प्रस्ताव रखा गया लेकिन मुस्लिम लीग ने बहिष्कार के कारण उद्देश्य प्रस्ताव को इस दिन पारित नहीं किया गया
22 जनवरी 1947 इस दिन संविधान सभा से उद्देश्य प्रस्ताव को पारित कर दिया गया उद्देश्य प्रस्ताव की वर्तमान का सविधान प्रस्तावना का आधार बना इस कारण प्रस्तावना को उद्देशिका के नाम से भी जाना जाता है
नोट-उद्देश्य प्रस्ताव को पारित होने में कुल 41 दिन का समय लगा
29 अगस्त 1947 भारतीीय संविधान का प्रारूप बीएन राव के द्वारा तैयार किया गया
इस प्रारूप पर विचार करने हेतु प्रारूप समिति/पांडुलेखन समिति का गठन किया गया जिसमें कुल 7 सदस्य थे
7 सदस्य के नाम
(1) भीमराव अंबेडकर
(2) मोहम्मद सादुल्ला
(3) के एम मुंशी
(4) अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
(5) गोपाल स्वामी आयंकर
(6) एन माधवराव(बीएल मित्र के इस्तीफे के पश्चात)
(7) TT कृष्णमाचारी (डीपी खेतान मृत्यु के बाद)
26 नवंबर 1949 
                       इस दिन सविधान का कार्य पूर्ण हो गया सविधान के महत्वपूर्ण 16 अनुच्छेदों को इसी दिन लागू किया (15+394=16 अनुच्छेद)
इस दिन भारतीय संविधान को आंशिक रूप से लागू किया गया
24 जनवरी 1950 
  इस दिन संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई थी जिसने कुल 284 सदस्यों ने भाग लिया इन सदस्यों के द्वारा संविधान पर हस्ताक्षर किए गए प्रथम हस्ताक्षर krta पंडित जवाहरलाल नेहरू एवं अंतिमा हस्ताक्षर krta डॉ राजेंद्र प्रसाद थे
इस दिन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को मान्यता प्रदान की गई
जबकि राष्ट्रध्वज को 22 जुलाई 1947 को प्रदान की गई
इसका निर्माण पिंगली वेंकैया द्वारा किया गया
24 जनवरी को ही भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में डॉ राजेंद्र प्रसाद को निर्वाचित किया गया इस दिन संविधान सभा को विघटित या समाप्त कर दिया गया लेकिन कहा गया कि भारत में जब तक स्थाई संसद का निर्माण नहीं हो जाता जब तक संविधान सभा अंतरिम संसद के रूप में कार्य करेगी एवं इसकी अध्यक्षता जीवी मावलंकर के द्वारा की जाएगी
प्रथम संविधान संशोधन 1951 इसी अंतरिम संसद के द्वारा ही किया गया
26 जनवरी 1950
इस दिन संविधान को पूर्ण रूप से लघु किया गया भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में डॉ राजेंद्र प्रसाद को शपथ दिलाई गई एवं इसी दिन भारत को गणतंत्र/गणराज्य घोषित किया गया

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